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उत्तराखंड में 1391 कोरोना संक्रमित, 9 की मौत


उत्तराखंड में आज एक बार फिर बड़ी संख्या में कोरोना मरीज मिलने से सरकार की चिंता बढ़ गई है। तमाम प्रयासों के बाद भी संक्रमण रुकने का नाम नही ले रहा है। राज्य में आज 1391 नए संक्रमित मिलने के बाद यहां का कुल आंकड़ा बढ़कर 34407 तक पहुंच गया। वहीं इलाज के दौरान राज्य के विभिन्न अस्पतालों में 9 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
आज नए सामने आए मामलों में चमोली जिले में 7, चंपावत में 23, देहरादून में 421, हरिद्वार में 219, नैनीताल में 226, पौड़ी में 38, पिथौरागढ़ में 30, रुद्रप्रयाग में 27, टिहरी में 31, उधमसिंहनगर में 318 तथा उत्तरकाशी जिले में 51 मरीज मिले हैं।
वही इलाज के बाद ठीक होने वालों की संख्या आज 1008 रही। इसके साथ ही 12611 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। प्रदेश में जिन 9 लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई उनमें से 4 लोगों का निधन एम्स ऋषिकेश में, तीन का दून मेडिकल कॉलेज देहरादून तथा दो का डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में हुआ है।


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राज्य में आज फिर बढ़े कोरोना के मामले

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों में आज एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। पिछले 24 घंटों में 420 नए मरीज़ मिलने से सरकार की चिंता बढ़ गयी है। वहीं राज्य में इलाज के दौरान 9 मरीज़ों ने दम तोड़ दिया। आज नए मिले मामलों में अल्मोड़ा जिले के 17, बागेश्वर के 12, चमोली के 28, चंपावत के 2, देहरादून के 153, हरिद्वार के 42, नैनीताल के 51, पौड़ी के 23, पिथौरागढ़ के 7, रुद्रप्रयाग के 28, टिहरी के 18, उधमसिंह नगर के 38 तथा उत्तरकाशी का 1 मरीज़ शामिल है। इसके अलावा 425 मरीज़ों को इलाज के बाद ठीक होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के 16597 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान आज 9 कोरोना मरीज़ों की मौत हो गयी है।

Breaking-: आज फिर बदलेगा का मौसम का मिजाज, राज्य में बर्फबारी और बारिश के आसार

देहरादून। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में अगले 24 घंटो में बर्फबारी होने की संभावना जताई है। रिपोर्ट के अनुसार चमोली, उत्तरकाशी, जोशीमठ, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बद्री-केदार के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, वहीं निचले इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार आज मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया रहेगा।

अब हरिद्वार में कम खर्च में होगा डायलिसिस

ह रिद्वार के कनखल स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में अब डायलिसिस यूनिट की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें हाईटेक मशीनों द्वारा किडनी के मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी नित्यशुद्धानंद ने बताया कि हरिद्वार में पहली बार कम मूल्य पर डायलिसिस की सुविधा किडनी के मरीजों को उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षित विशेषज्ञ एवं चिकित्सक की देखरेख में इस यूनिट का संचालन होगा। इसके बाद यहां के रोगियों को डायलिसिस करने के लिए बाहर नही जाना पड़ेगा।  उन्होंने कहा कि संस्थान में लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। मिशन के अथक प्रयासों एवं जनता के सहयोग से यह डायलिसिस यूनिट शुरू होने जा रही है, जिसका उद्घाटन शुक्रवार को हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर के हाथों से होगा। इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मैक्स हॉस्पिटल देहरादून के उपाध्यक्ष डॉ संदीप तलवार और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर पुनीत अरोड़ा भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के संयोजक स्वामी दयाधिपानंद महाराज ने बताया कि इस केंद्र के सुचारू रूप से संचालन के लिए गुरुवार को  रामकृष्ण मिशन में  विशेष प

लॉक डाउन से तीर्थ पुरोहितों व कथा व्यासों की आजीविका पर हुआ असर, सरकार दे राहत पैकेज

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गंगा में खनन-निर्माण करने पर लगेगा 50 करोड़ जुर्माना, होगी 5 साल की जेल

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आर्थिक संकट ! पहली बार दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी भारी गिरावट

इससे पहले कभी नही देखी गयी दो अंको की गिरावट  नई दिल्ली।।(एक्सप्रेस ब्यूरो) देश में आर्थिक मंदी गहराती जा रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों ने जहां एक और घरेलू खर्चों में गिरावट दर्शायी थी वहीं अब दोपहिया वाहनों की बिक्री को लेकर भी बुरी खबर आयी है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक त्यौहारी सीजन में भी दोपहिया वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट देखी गई है। आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष अक्टूबर में लोगो ने पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 18.43 प्रतिशत कम दोपहिया वाहन खरीदे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालात और भी गंभीर है, जहाँ लोग आवश्यकता होने के बावजूद मंदी के कारण खरीदारी नही कर रहे हैं। अर्थशास्त्र के जानकारों का मानना है कि जरूरत पड़ने पर भी यदि कोई उपभोक्ता खरीदारी नही करता है तो यह देश की आर्थिकी के लिए अशुभ संकेत है। इसका मतलब है कि ग्राहकों का विश्वास डगमगा रहा है। विदित हो कि पिछले करीब 12 महीनों से देश में कारों की बिक्री में भी लगातार कमी दर्ज की जा रही है। कई कार निर्माताओं ने अपना उत्पादन घटा दिया है। अब दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी कमी आना बेहद चिंतनीय है।

एक साल में भारत का क़र्ज़ 13 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

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